पूजा और पाठ

प्रदोष व्रत का महत्व

Friday, February 09, 2018 15:25 PM

हिन्दू धर्म में व्रत और उपवास का बेहद ख़ास महत्व माना जाता है। फिर चाहे वो सप्ताह के दिनों का हो या महीने की तिथियाँ। वैसे तो माह की प्रत्येक तिथि में व्रत रखने का अपना ही महत्व होता है लेकिन इन सभी में सबसे महत्वपूर्ण और लाभकारी त्रयोदशी तिथि के उपवास को माना जाता है। जिसे सभी प्रदोष व्रत के रूप में जानते है। जो की भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है।

 
प्रदोष व्रत या प्रदोषम प्रत्येक शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। वैसे तो इस तिथि को प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है लेकिन अलग-अलग दिनों में पड़ने वाली त्रयोदशी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। 
 
जब यह तिथि सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोम प्रदोषम या चंद्र प्रदोषम कहते है। मंगलवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि भौम प्रदोषम के रूप में जानी जाती है।
 
जबकि शनिवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि को शनि प्रदोषम कहते है। यहाँ हम आपको वर्ष 2018 में आने वाली सभी त्रयोदशी तिथि व् प्रदोष व्रत की तारीखें बता रहे है। जिनकी मदद से आप जान पायेंगे की कौन का प्रदोष व्रत किस दिन पड़ रहा है?
 
हिन्दू धर्म में रखे जाने वाले सभी हिन्दू व्रतों में इसे सबसे महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है। कहा जाता है इस दिन पुरे भक्ति भाव के साथ भगवान शिव का पूजन करने से सभी कष्ट दूर होते है और व्यक्ति को मृत्यु के पश्चात् मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त होती है। माना जाता है प्रदोष व्रत करने से 2 गायों के दान के बराबर फल मिलता है। कहा ये भी जाता है जो लोग पुरे विधि-विधान से प्रदोष व्रत को संपन्न करते है भगवान शिव उन्ही के हो जाते है।