पर्व और त्योहार

आज है सर्वार्थ सिद्धि योग, सभी मनोकामनाओं होंगे पूरा

Thursday, May 03, 2018 14:45 PM
हिंदू धर्म में शुभ और अशुभ मुहूर्त बड़ा ही मायने रखता है। कोई भी शुभ काम करने से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है। अशुभ मुहूर्त में किए गए काम कभी सफल नहीं होते। कई बार जीवन में ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं की शुभ मुहूर्त से पहले जरूरी काम करना पड़ जाता है। ऐसे में निश्चित वार और निश्चित नक्षत्र के संयोग से बनने वाले शुभ और अशुभ योगों में सर्वार्थ सिद्धि योग जैसा अति शुभ योग बनता है। यह योग एक बहुत ही शुभ समय है जोकि नक्षत्र तथा वार की स्थिति के आधार पर गणना किया जाता है । यह योग सभी इच्छाओं तथा मनोकामनाओं को पूरा करने वाला है। ज्योतिषियों के अनुसार कोई भी नया कार्य जोकि सर्वार्थ सिद्धि योग में प्रारम्भ किया जाता है वह निश्चित ही सफलतापूर्वक सम्पन्न होता है तथा इच्छित फल प्रदान करता है। 
 
यह योग विशेष वारों को पड़ने वाले विशेष नक्षत्रों के योग से निर्मित होता है । इस शुभ योग में शुभ कार्य आरम्भ किए जा सकते हैं परंतु कुछ कार्य वर्जित भी हैं । जैसे कि सर्वार्थ सिद्धि योग यदि गुरु पुष्य योग से निर्मित होता है तो यह विवाह के लिए ठीक नहीं है। 
 
साथ ही यदि यह योग शनि रोहिणी योग से निर्मित होता है तो यह यात्राओं के लिए उपयुक्त नहीं है। इसी तरह यदि यह योग मंगल-अश्विनी योग से निर्मित होता है तो यह गृह प्रवेश के लिए उपयुक्त नहीं है। यदि यह योग शुक्ल पक्ष में बृहस्पतिवार या शुक्रवार को बनता है तो यह योग बहुत ही शुभ माना जाता है। इस योग में आप कोई भी नवीन कार्य आरम्भ कर सकते हैं । यह शुभ फलदायी योग माना जाता है।